सर्वभाषाजननी संस्कृतभाषा

रविवार, 14 मार्च 2010

संस्कृतेन सर्वम्

संसारे यत् किमपि ज्ञातव्यं कर्त्तव्यं प्राप्तव्यं च अस्ति सर्वं संस्कृते अस्ति

2 टिप्‍पणियां:

ललित शर्मा ने कहा…

आचार्य धनंजय शास्त्री जी ब्लाग जगत मे आपका स्वागत है। आशा है कि आप अपने ज्ञान एवं अनुभव से ब्लाग जगत को समृद्ध करेंगे।

आपका पुन: स्वागत है।

आचार्य धनंजय शास्त्री ने कहा…

sharma ji aapki sammati theek hai